शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ नानावेषाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपबहुरूपी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अनेक रूप और वेष धारण करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की कला (Adaptability)
विस्तृत लाभ
परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने की कला (Adaptability)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अव्यक्ताय नमः
ॐ कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
ॐ निरञ्जनायै नमः
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ जैत्राय नमः