शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ निर्विकाराय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
विकारों से रहित शुद्ध बुद्ध स्वरूप को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ऊर्ध्वरूपाय नमः
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
ॐ दामोदराय विद्महे रुक्मिणीवल्लभाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।
ॐ देवी महागौर्यै नमः॥ 16
यँ यँ हनुमते फल फक्रिया हौत धग् धग् आयुरस्व प ख हेति फट्॥
आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्। जयावहं जपेन्नित्यमक्षय्यं परमं शिवम्॥