शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ परन्तपाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपतप स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो तपस्या की पराकाष्ठा और ब्रह्मांडीय तेज के स्रोत हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
व्रत, उपवास और कठोर साधना के दौरान संकल्प में अटूट दृढ़ता
विस्तृत लाभ
व्रत, उपवास और कठोर साधना के दौरान संकल्प में अटूट दृढ़ता।
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ॐ अक्षोभ्याय नमः
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
ॐ सर्वतन्त्रस्वरूपिणे नमः
ॐ वां रौं अलुप्तशक्तिधाम्ने सद्योजातात्मने कनिष्ठिकाभ्यां नमः
ॐ दिव्यमूर्तये नमः।
ॐ प्रहर्त्रे नमः