शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ पूर्णायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने आप में पूर्ण, परिपूर्ण और दोषरहित हैं।
जप काल
तुलसी माला पर जप।
टिप्पणी
साधना की दृष्टि से इन नामों को ॐ और 'नमः' या 'स्वाहा' के सम्पुट के साथ जपा जाता है।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥ 16
वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नमः। उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम्॥
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
ॐ श्री हनुमते नमः॥
ॐ रविचन्द्राग्निलोचनाय नमः
ॐ कस्तूरीमृगतोषिण्यै नमः