शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ पुण्यवर्धनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपपुण्य वर्धक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके स्मरण मात्र से मनुष्य के पुण्यों में असीम वृद्धि होती है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सुकर्म वृद्धि
विस्तृत लाभ
सुकर्म वृद्धि
जप काल
पूजा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रमायै नमः
खों खं खं फट् प्राण-ग्रासी प्राण-ग्रासी हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणां शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा।
गाङ्गेयस्ताम्रचूडश्च ब्रह्मचारी शिखिध्वजः । तारकारिरुमापुत्रः क्रौञ्चारिश्च षडाननः ॥
ॐ स्वाहायै नमः
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
ॐ गुहावासाय नमः