शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ रामसुग्रीवसन्धात्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपमित्रता-कराने वाले
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ऋष्यमूक पर्वत पर श्री राम और सुग्रीव की मित्रता करवाने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ चक्रिणे नमः
ॐ देवी महागौर्यै नमः॥ 16
ॐ ग्रन्थबीजरूपायै स्वाहा मां सर्वतोऽवतु। (अर्थ: ग्रंथों का बीज रूप देवी मेरी सभी दिशाओं से रक्षा करें) 8
नीलकण्ठोऽवतु ग्रीवां पिनाकपाणिर्बाहुकौ
ॐ कालाय नमः।
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः