शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ सर्वज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वज्ञ रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भूत, भविष्य और वर्तमान का सब कुछ जानने वाले हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गुप्त रहस्य, पूर्ण विद्या और जीवन के गूढ़ विषयों का ज्ञान
विस्तृत लाभ
गुप्त रहस्य, पूर्ण विद्या और जीवन के गूढ़ विषयों का ज्ञान।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भूवराहाय विद्महे हिरण्याक्षहराय धीमहि तन्नो वराहः प्रचोदयात्।
ॐ गोपस्वामिने नमः
यं यं कामयते कामं तं तं प्राप्नोति साधकः। राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिः स्यात् प्रेमलक्षणा॥
एको हि रुद्रो न द्वितीयाय तस्थुर् य इमांल्लोकानीशत ईशनीभिः।
कल्हार शालि कमलेक्षुक चाप बाण दन्तप्ररोहक गदी कनकोज्ज्वलाङ्गः । आलिङ्गनोद्यतकरो हरिताङ्गयष्ट्या देव्या दिशत्वभयम् ऊर्ध्वगणाधिपो मे ॥
ॐ श्रीं क्लीं श्रीं नमः।