शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ सर्वात्मने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपविश्वात्मा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो इस ब्रह्मांड के समस्त चर-अचर जीवों के मूल प्राण (आत्मा) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समदृष्टि का विकास
02
समस्त जीवों के प्रति बिना भेदभाव के निस्वार्थ प्रेम
विस्तृत लाभ
समदृष्टि का विकास; समस्त जीवों के प्रति बिना भेदभाव के निस्वार्थ प्रेम।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नवग्रहाः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अमेयात्मने नमः
ॐ क्षेत्रपालाय नमः।
ॐ पुण्डरीकशुभावहाय नमः
धृत पाशाङ्कुश कल्पलता स्वरदश्च बीजपूरयुतः । शशिशकल कलितमौली त्रिलोचनोऽरुणश्च गजवदनः ॥ भासुरभूषण दीप्तो बृहदुदर पद्म विष्टरोल्लसितः । विघ्नपयोधरपवनः करधृत कमलः सदास्तु भूत्यै ॥
ॐ सर्वायुधविशारदाय नमः