शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ शब्दब्रह्ममयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपनाद-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शब्द-ब्रह्म (नाद) स्वरूप देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मंत्रों की सिद्धि और नादानुसंधान योग में सफलता
विस्तृत लाभ
मंत्रों की सिद्धि और नादानुसंधान योग में सफलता।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ चतुर्भुजायै नमः
ॐ नमस्ते गणपतये ॥ त्वमेव प्रत्यक्षं तत्त्वमसि ॥ त्वमेव केवलं कर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं धर्ताऽसि ॥ त्वमेव केवलं हर्ताऽसि ॥ त्वमेव सर्वं खल्विदं ब्रह्मासि ॥ त्वं साक्षादात्माऽसि नित्यम् ॥
ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
ॐ भिन्नलोहाय नमः
ज्ञात्वा शिवं शान्तिमत्यन्तमेति