माँ दुर्गा मंत्र
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
श्री हरि को सर्वाधिक प्रिय देवी को नमन 50।
इस मंत्र से क्या होगा?
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15
* विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44
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विस्तृत लाभ
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15। * विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44। *
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
जो शांत भाव से सह्याद्रि (और महेंद्र) पर्वत पर निवास करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: जीवन में स्थिरता और भूमि-लाभ) 19।
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ माधव्यै नमः
ॐ प्रमुखाय नमः
ॐ कपालचक्रवासिन्यै नमः
ॐ शुद्धविग्रहाय नमः