शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकाररक्षा एवं शांति मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वह (ब्रह्म-शक्ति लक्ष्मी) मेरी रक्षा करें, वक्ता की रक्षा करें। ॐ शांति।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भौतिक, दैविक और आध्यात्मिक तापों से रक्षा
विस्तृत लाभ
भौतिक, दैविक और आध्यात्मिक तापों से रक्षा।
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