तत्पुरुष मंत्र (पूर्व मुख)
तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हम उस महान पुरुष को जानते हैं, उस महादेव का ध्यान करते हैं। वह रुद्र देव हमारी बुद्धि को सत्य मार्ग पर प्रेरित करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञान का आवरण हटना, आत्म-ज्ञान की प्राप्ति और प्राण वायु का संतुलन
विस्तृत लाभ
अज्ञान का आवरण हटना, आत्म-ज्ञान की प्राप्ति और प्राण वायु का संतुलन 21।
जप काल
पूर्व दिशा की ओर मुख करके।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कुमारीपूजनप्रीतायै नमः
ॐ वशीकराय नमः
आदित्यहृदयं पुण्यं सर्वशत्रुविनाशनम्। जयावहं जपेन्नित्यमक्षय्यं परमं शिवम्॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
या या मनसि वै यस्य विभूतिः प्रतिभाति च। तां तां ददाति तस्याशु धनधान्यगवादिकाम्॥
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम् । उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम् ॥