शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ त्रैलोक्यकुटुम्बिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
तीनों लोकों को अपना कुटुंब मानने वाली विश्वमाता को नमन 42।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दैत्यान्तकाय नमः
ॐ पुण्डरीकाय नमः
बालार्कारुणकान्तिर्वामे बालां वहन् अङ्के । लसदिन्दीवर हस्तं गौराङ्गीं रत्नशोभाढ्याम् ॥ दक्षे अङ्कुश वरदानं वामे पाशं च पायसं पात्रम् । नीलांशुक समान पीठपद्मारुणे तिष्ठन् संकटहरणः पायात् ॥
मृणालवालवल्लरी तरङ्गरङ्गदोर्लते लताग्रलास्यलोलनीललोचनावलोकने। ललल्लुलन्मलन्मनोज्ञमुग्धमोहनाश्रिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ जृम्भाय नमः
ॐ वेदान्तज्ञानरूपिण्यै नमः