देव-स्वरूप मंत्र
त्वं ब्रह्मा त्वं विष्णुस्त्वं रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम् ॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
आप ही ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र, इंद्र, अग्नि, वायु, सूर्य और चंद्रमा हैं। आप ही भूर्भुवः स्वः रूप परब्रह्म हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी देवताओं की समेकित कृपा एक ही आराधना से प्राप्त करना
विस्तृत लाभ
सभी देवताओं की समेकित कृपा एक ही आराधना से प्राप्त करना।
जप काल
देव-पूजन के समय या सर्व-देव स्तुति के लिए।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
मृणालवालवल्लरी तरङ्गरङ्गदोर्लते लताग्रलास्यलोलनीललोचनावलोकने। ललल्लुलन्मलन्मनोज्ञमुग्धमोहनाश्रिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ परब्रह्मणे नमः
सिकताश्च मे वनस्पतयश्च मे हिरण्यं च मेऽयश्च मे...
ॐ मायातीताय नमः
ॐ ह्रीं जिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहाऽग्निदिशि रक्षतु। (अर्थ: जिह्वाग्र में बसने वाली देवी आग्नेय कोण में रक्षा करें) 8
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ज्येष्ठ लक्ष्मी स्वयम्भुवे ह्रीं ज्येष्ठायै नमः।