ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ दुर्गा मंत्र

ॐ उन्मत्ताय नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपप्रेम-उन्मत्त
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो अपने भक्तों के प्रेम में उन्मत्त (सुध-बुध खोने वाले) हो जाते हैं, उन्हें नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भगवान के प्रति प्रेमाभक्ति की सर्वोच्च अवस्था

02

भाव-समाधि की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

भगवान के प्रति प्रेमाभक्ति की सर्वोच्च अवस्था; भाव-समाधि की प्राप्ति।

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