वद वद वाग्वादिनी मन्त्र
वद वद वाग्वादिनी स्वाहा। (अथवा ॐ नमो भगवती वद वद वाग्देवी स्वाहा)
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हे वाणी की देवी! आप मेरे माध्यम से बोलें, वाक्-प्रवाह प्रदान करें, यह आहुति आपको समर्पित है।
इस मंत्र से क्या होगा?
हकलाना, तुतलाना या संवाद (Communication) की समस्या दूर करना
वाणी में प्रभावशाली वाक्-पटुता का संचार
विस्तृत लाभ
हकलाना, तुतलाना या संवाद (Communication) की समस्या दूर करना। वाणी में प्रभावशाली वाक्-पटुता का संचार।
जप काल
प्रातःकाल जल अभिमंत्रित करके पीने की परंपरा।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पुरुषाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं धन लक्ष्म्यै नमः।
ॐ नागयज्ञोपवीतवते नमः।
जो महर्षि भृगु के पवित्र वंश को आनंदित करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: कुल-गोत्र की वृद्धि) 19।
ॐ श्रीं ह्रीं जय लक्ष्मी प्रियाय नित्य प्रमुदित चेतसे लक्ष्मी स्रितार्थ देहाय श्रीं ह्रीं नमः
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥