वामदेव मंत्र (उत्तर मुख)
वामदेवाय नमो ज्येष्ठाय नमः श्रेष्ठाय नमो रुद्राय नमः कालाय नमः कलविकरणाय नमो बलविकरणाय नमो बलाय नमो बलप्रमथनाय नमः सर्वभूतदमनाय नमो मनोन्मनाय नमः॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
वामदेव को नमन, जो सबसे बड़े (ज्येष्ठ) और श्रेष्ठ हैं। रुद्र को नमन, काल और शक्तियों के नियंत्रक को नमन। समस्त भूतों का दमन करने वाले और मन को उन्मन (उच्च अवस्था) में ले जाने वाले देव को नमन।
इस मंत्र से क्या होगा?
अहंकार का शमन, मानसिक विकारों से मुक्ति, और आंतरिक शुद्धि
विस्तृत लाभ
अहंकार का शमन, मानसिक विकारों से मुक्ति, और आंतरिक शुद्धि 21।
जप काल
उत्तर दिशा की ओर मुख करके।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सीता राम हनुमंत राम सीता हनुमंत (Sita Rama Hanumantha Rama Sita Hanumantha)
मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्। वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥
ॐ पिशिताशप्रभञ्जनाय नमः
ॐ शान्तिदाय नमः।
ॐ साधकानन्दसन्तोषायै नमः
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥