शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ वराहमूर्तिमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपयज्ञ-वराह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वराह भगवान का मूर्त रूप धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
भूमि-दोष निवारण
विस्तृत लाभ
भूमि-दोष निवारण
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अनङ्गरङ्गमङ्गलप्रसङ्गभङ्गुरभ्रुवां सविभ्रमससम्भ्रमदृगन्तबाणपातनैः। निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ पुस्तकधृते नमः
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्। गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुवि बुधभाविताशयाः॥
ॐ जयवर्धनाय नमः
ॐ वैद्याय नमः।
ॐ काशीश्वरमनोरमायै नमः