शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ वरप्रभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवरदाता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्रेष्ठ वरदान देने में समर्थ प्रभु को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वर्षों से रुकी हुई मनोकामनाओं की पूर्णता
विस्तृत लाभ
वर्षों से रुकी हुई मनोकामनाओं की पूर्णता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णप्राणाधिदेव्यै नमः
बिस्व भरन पोषन कर जोई। ताकर नाम सत्य अस होई॥
ॐ इन्दिरायै नमः
कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्। दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ योगिकाम्यप्रदात्र्यै नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।