शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ वश्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपभक्त-वश्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो केवल अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से वश में हो जाते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
इष्ट-कृपा
विस्तृत लाभ
इष्ट-कृपा
जप काल
पूजा
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
यस्याः प्रभावमतुलं भगवाननन्तो ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तुमलं बलं च। सा चण्डिकाखिलजगत्परिपालनाय नाशाय चाशुभभयस्य मतिं करोतु॥ 18
ॐ हासमुख्यै नमः
ॐ निधिरव्ययाय नमः
ॐ ह्रीं जिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहाऽग्निदिशि रक्षतु। (अर्थ: जिह्वाग्र में बसने वाली देवी आग्नेय कोण में रक्षा करें) 8
ॐ चिन्तामणये नमः
ॐ पुरारातये नमः