शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ वत्सलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवात्सल्य स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी के प्रति वात्सल्य भाव रखने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
निष्ठुर हृदय में करुणा और प्रेम का जागरण
विस्तृत लाभ
निष्ठुर हृदय में करुणा और प्रेम का जागरण।
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ॐ त्रिशक्त्यै नमः
जामदग्न्यः परं यस्य दैवतं भृत्यवत्सलः। नित्यं परश्वधभृतः कवचस्यास्य धारणात्॥
ॐ शरणत्राणतत्पराय नमः
ॐ चतुर्दंष्ट्राय नमः
कल्हारांबुज बीजपूरक गदा दन्तेक्षु बाणैः सदा बिभ्राणो मणिकुम्भ शालिकलशौ पाशं च चक्रान्वितम् । गौराङ्ग्या रुचिराविन्दकरया देव्या सदा संयुतः शोणाङ्कुश शुभमातनोतु भजतामुद्दण्डविघ्नेश्वरः ॥
ॐ पद्माक्ष्यै नमः