शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
वायव्ये कपाल भैरवाय नमः वायव्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
वायव्य कोण रक्षा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वदुःखहराय नमः
ॐ जनरञ्जिन्यै नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ कमलाननायै नमः
ॐ वज्रहस्तसुतावल्लीवामदक्षिणसेविताय नमः
ॐ श्रीं महा कालिकायै नमः