शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ वेणुनादविशारदाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपवंशीधर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बांसुरी (वेणु) बजाने में निपुण भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला और संगीत सिद्धि
विस्तृत लाभ
कला और संगीत सिद्धि
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्वानन्दं निहिताय नमः।
ॐ श्रीं सौं शरवणभवाय नमः
ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डू मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछे भीम, चोर नार चंपे ने सींण, अजरा झरे भरया भरे, ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें।
ॐ सहस्रार ज्वालावर्तिने क्ष्रौम् हन हन हुं फट् स्वाहा
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गङ्गा। लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा॥
ॐ शिवानुजायै नमः