ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ दुर्गा मंत्र

विष्णुप्रिये! रत्नगर्भे! समस्तफलदे शिवे! त्वद्गर्भगतहेमादीन् सम्प्रदर्शय दर्शय॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारलक्ष्मी हृदय स्तोत्र (श्लोक 10)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हे विष्णुप्रीये, हे रत्नगर्भा! आपके गर्भ में स्थित स्वर्ण आदि मुझे दिखाएं, प्रदर्शित करें 14।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

स्वर्ण और रत्नों की अपार वृद्धि

विस्तृत लाभ

स्वर्ण और रत्नों की अपार वृद्धि।

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