शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विश्व की सर्वांगीण रक्षा हेतु
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सुकृतियों के यहाँ लक्ष्मी और पापियों के यहाँ अलक्ष्मी रूप देवी से विश्व की रक्षा की प्रार्थना
विस्तृत लाभ
सुकृतियों के यहाँ लक्ष्मी और पापियों के यहाँ अलक्ष्मी रूप देवी से विश्व की रक्षा की प्रार्थना।
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