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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

अगजानन ध्यान मंत्र

अगजानन पद्मार्कं गजाननमहर्निशम् । अनेकदन्तं भक्तानाम् एकदन्तमुपास्महे ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारस्तुति मंत्र
स्वरूपएकदंत / गजानन
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

जो पार्वती के मुख रूपी कमल के लिए सूर्य के समान हैं, जो गजानन हैं, और जो भक्तों को अनेक वरदान देने वाले हैं, उन एकदंत की हम दिन-रात उपासना करते हैं।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

इष्ट के प्रति अटूट भक्ति में वृद्धि और ईश्वरीय प्रेम की प्राप्ति

विस्तृत लाभ

इष्ट के प्रति अटूट भक्ति में वृद्धि और ईश्वरीय प्रेम की प्राप्ति।

जप काल

प्रातःकाल या संध्या वंदन के समय श्लोक गान।

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