शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
युगल सीता-राम मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं रां रामाय रघुनन्दनाय जानकीवल्लभाय स्वाहा
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल उपासना मंत्र (तांत्रिक)
स्वरूपसीता-राम युगल
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सरस्वती (ऐं), शक्ति (ह्रीं) और लक्ष्मी (श्रीं) के बीज स्वरूप, जानकी के प्रिय रघुनंदन राम को यह आहुति समर्पित है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दाम्पत्य जीवन में अखंड प्रेम, ऐश्वर्य, ज्ञान और सम्पूर्ण पारिवारिक शांति की स्थापना
विस्तृत लाभ
दाम्पत्य जीवन में अखंड प्रेम, ऐश्वर्य, ज्ञान और सम्पूर्ण पारिवारिक शांति की स्थापना 7।
जप काल
युगल-उपासना के समय, हवन के दौरान (स्वाहा युक्त होने के कारण)।
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