शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ ऐं ॐ श्रीं विद्या लक्ष्म्यै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपविद्या लक्ष्मी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दिव्य ज्ञान और विवेक स्वरूप विद्या-लक्ष्मी को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ज्ञान, कला, संगीत, कौशल, विवेक की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ज्ञान, कला, संगीत, कौशल, विवेक की प्राप्ति 11।
जप काल
अध्ययन कक्ष में स्फटिक की माला से जप।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नित्यानन्दस्वरूपः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ अहं रुद्रेभिर्वसुभिश्चराम्यहमादित्यैरुत विश्वदेवैः। अहं मित्रावरुणोभा बिभर्म्यहमिन्द्राग्नी अहमश्विनोभा॥
ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे कविं कवीनामुपमश्रवस्तमम् । ज्येष्ठराजं ब्रह्मणां ब्रह्मणस्पत आ नः शृण्वन्नूतिभिः सीद सादनम् ॥
ॐ महास्वनाय नमः
ॐ ह्रीं बटुकाय मम अकाल मृत्यु निवारय निवारय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ यशस्कर्यै नमः