शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ अरिमर्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपशत्रु-दमन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो धर्म-विरोधी शत्रुओं का बुरी तरह दमन करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बाधा नाश
विस्तृत लाभ
बाधा नाश
जप काल
रक्षा हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दिव्याभरणशोभिने नमः।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ कमलाकरतोषितायै नमः
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम्। रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ सर्वावगुणवर्जिताय नमः