शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ बालपराक्रमाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
बालकों के समान स्वच्छंद पराक्रमी देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अक्षमालां कुठारं च रत्नपात्रं स्वदन्तकम् । धत्ते करैर्विघ्नराजो ढुण्ढिनाम मुदेऽस्तु नः ॥
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मि महालक्ष्मि एहि एहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
ॐ स्मितवक्त्राय नमः
ॐ लङ्किनीभञ्जनाय नमः
ॐ भक्तार्तिभञ्जनाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं जय लक्ष्मी प्रियाय नित्य प्रमुदित चेतसे लक्ष्मी स्रितार्थ देहाय श्रीं ह्रीं नमः