शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ बलिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपमहाबली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परम बलवान भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक दुर्बलता नाश
विस्तृत लाभ
शारीरिक दुर्बलता नाश
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ करौ मे देववरदो नृसिंहः पातु सर्वतः
श्रीमन् नारायण चरणौ शरणं प्रपद्ये। श्रीमते नारायणाय नमः॥
य्लूं (Ylūm)
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ महागणेशाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देवजुष्टामुदाराम्। तां पद्मिनीमीं शरणमहं प्रपद्येऽलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणे॥