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शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

कालभैरवाष्टकम् - मंत्र 4

भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहं भक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम्।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारस्तोत्र-मंत्र
स्वरूपकाल भैरव
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करने वाले भक्तवत्सल भैरव का ध्यान करता हूँ।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भौतिक भोग और आध्यात्मिक मोक्ष दोनों की एक साथ प्राप्ति

विस्तृत लाभ

भौतिक भोग और आध्यात्मिक मोक्ष दोनों की एक साथ प्राप्ति।

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