शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभुवनेश्वरी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भुवनों की ईश्वरी
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सम्पूर्ण जगत पर बौद्धिक शासन
विस्तृत लाभ
सम्पूर्ण जगत पर बौद्धिक शासन
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वाक्पतये नमः
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥ 36
ॐ मितभाषिणे नमः
तद्विष्णोः परमं पदं सदा पश्यन्ति सूरयः। दिवीव चक्षुराततम्॥
कमले कमलाक्षवल्लभे त्वं करुणापूरतरङ्गितैरपाङ्गैः। अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः॥
ॐ निर्विकाराय नमः।