शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ डम्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदम्भ-नाशक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दैत्यों का दम्भ (अहंकार) चूर्ण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विरोधियों के मिथ्या अहंकार का टूटना
विस्तृत लाभ
विरोधियों के मिथ्या अहंकार का टूटना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सत्यव्रताय नमः
ॐ करमालासमागमायै नमः
भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहं भक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम्।
ॐ वैकुण्ठनगरवासिन्यै नमः
महो अर्णः सरस्वती प्रचेतयति केतुना। धियो विश्वा विराजति॥
ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे कविं कवीनामुपमश्रवस्तमम् । ज्येष्ठराजं ब्रह्मणां ब्रह्मणस्पत आ नः शृण्वन्नूतिभिः सीद सादनम् ॥