गणेश मंत्र
ॐ गङ्गागीतागतिर्दात्र्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो गंगा और गीता को भी गति देने वाली हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
ज्ञान (गीता) और पवित्रता (गंगा) की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ज्ञान (गीता) और पवित्रता (गंगा) की प्राप्ति।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पञ्चहस्ताय नमः
ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ जितषड्वर्गमण्डलाय नमः
ॐ वज्रहस्ताय नमः
देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥
ब्रह्मासि रुद्रस्त्वमिन्द्रस्त्वमग्निस्त्वं वायुस्त्वं सूर्यस्त्वं चन्द्रमास्त्वं ब्रह्मभूर्भुवःस्वरोम्॥