शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ गुणश्रेष्ठाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपश्रेष्ठ गुणों वाले
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनमें दया, क्षमा, शौर्य आदि सभी श्रेष्ठ गुण विद्यमान हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सद्गुण
विस्तृत लाभ
सद्गुण
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्वलोकानां गुरवे नमः।
ॐ ईश्वर्यै (श्रियै) नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये भगवान्विष्णुः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ विश्वहराय नमः
ॐ आर्यायै नमः