गणेश मंत्र
ॐ हरिवल्लभायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
भगवान हरि (विष्णु) की प्रिय को नमन 50।
इस मंत्र से क्या होगा?
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15
* विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44
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विस्तृत लाभ
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15। * विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44। *
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गुह्यं मे पातु गुह्यानां मन्त्राणां गुह्यरूपधृक्
ॐ कामारये नमः
ॐ कालरात्र्यै नमः
ॐ मायातीताय नमः
देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥
विश्वेश्वरि त्वं परिपासि विश्वं विश्वात्मिका धारयसीति विश्वम्। विश्वेशवन्द्या भवती भवन्ति विश्वाश्रया ये त्वयि भक्तिनम्राः॥ 18