श्री राधा अष्टाक्षर मंत्र (प्रथम पाठ)
ॐ ह्लीं श्रीराधिकायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
ह्लीं बीज (आकर्षण और आह्लाद) स्वरूपिणी अत्यंत महिमामयी श्री राधिका को नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी कार्यों में सफलता, बाधाओं का नाश, आध्यात्मिक चेतना का जागरण और अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति
विस्तृत लाभ
सभी कार्यों में सफलता, बाधाओं का नाश, आध्यात्मिक चेतना का जागरण और अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति 8।
जप काल
संध्याकाल या किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पूर्व।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्फेम् क्रौम् क्षौम् ग्लौम् वम् राम् वा ह्रौम् ह्रीम् राम् स्फेम् क्रौम् क्षौम् ग्लौम् क्षीम् क्षौम् धुम् हम् ह्लौम् ह्रीम् राम्॥
ॐ माधवाय नमः
ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि। तन्नो नारसिंहः प्रचोदयात्॥
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम् । वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि ॥
ॐ दीर्घमायास्वरूपाय नमः।
ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।