शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्री राधा सप्ताक्षर मंत्र (धन-धान्य प्रदायक)
ॐ ह्रीं राधिकायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारश्री-शक्ति / उपासना मंत्र
स्वरूपराधिका
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ह्रीं (ह्लादिनी/भुवनेश्वरी) स्वरूपा श्री राधिका को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दरिद्रता और आर्थिक संकटों का सर्वथा नाश, अटूट धन-सम्पदा व सुख-शांति की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
दरिद्रता और आर्थिक संकटों का सर्वथा नाश, अटूट धन-सम्पदा व सुख-शांति की प्राप्ति 11।
जप काल
नित्य प्रातःकाल 108 बार लाल चंदन की माला पर।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
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ॐ त्रिविक्रमाय नमः
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कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
ह्रीं हरिहरपुत्राय पुत्र लाभाय शत्रुनाशाय मदगजवाहनाय महाशास्तये नमः।