शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ जितामित्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपशत्रु-विजेता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने अपने सभी आंतरिक और बाह्य शत्रुओं को जीत लिया है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शत्रु नाश
विस्तृत लाभ
शत्रु नाश
जप काल
युद्ध/विवाद
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं बं सौघ बलवर्धनाय बालेश्वराय रुद्राय फट् ॐ
लम्बोदरं श्यामं तनुं गणेशं कुठारमक्षस्रजं ऊर्ध्वगाभ्याम् । सालद्रुङ्गं दन्तमधः कराभ्यां वामेतराभ्यां च दधानमीडे ॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ उज्जृम्भाय नमः
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
ॐ गोलोकधामिन्यै राधायै नमः