शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ कमलाननायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कमल के समान खिले हुए मुख वाली हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रूप-सौंदर्य और कांति में वृद्धि
विस्तृत लाभ
रूप-सौंदर्य और कांति में वृद्धि।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
यः शुचिः प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमन्वहम्। सूक्तं पञ्चदशर्चं च श्रीकामः सततं जपेत्॥
ॐ विश्वतोवदनायै नमः
बालग्रहाभिभूतानां बालानां शान्तिकारकम्। सङ्घातभेदे च नृणां मैत्रीकरणमुत्तमम्॥ 17
ॐ पवित्राय नमः
श्री राम जय राम जय जय राम (Sri Ram Jaya Ram Jaya Jaya Ram)
जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द