शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ कपालपात्रसन्तुष्टायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम स्तोत्र मंत्र (दशमहाविद्या)
स्वरूपदशमहाविद्या काली / करालवदना काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कपाल रूपी पात्र में दिए गए 'कारण' (भोग) से संतुष्ट होने वाली।
जप काल
देवी की मूर्ति, यंत्र या चित्र के सम्मुख 'ककारादि सहस्रार्चन' विधि द्वारा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महामात्रे नमः
ॐ श्रीमती नेत्रयुगलं पातु।
जयत्यतिबलो रामो लक्ष्मणश्च महाबलः। राजा जयति सुग्रीवो राघवेणाभिपालितः॥ दासोऽहं कोसलेन्द्रस्य रामस्याक्लिष्टकर्मणः। हनुमान् शत्रुसैन्यानां निहन्ता मारुतात्मजः॥
अहं निर्विकल्पो निराकाररूपो... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
ॐ पुण्यात्मने नमः
ॐ जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकाय नमः