त्रयोदशाक्षर युगल मंत्र
ॐ क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
ॐ (प्रणव) और क्लीं (काम) बीज युक्त कृष्ण और राधिका को मेरा श्रेयस्कर प्रणाम है।
इस मंत्र से क्या होगा?
मन की पूर्ण शुद्धि, युगल के दर्शन की लालसा की पूर्ति और लौकिक-अलौकिक सिद्धियाँ
विस्तृत लाभ
मन की पूर्ण शुद्धि, युगल के दर्शन की लालसा की पूर्ति और लौकिक-अलौकिक सिद्धियाँ 24।
जप काल
नित्य नियम से रुद्राक्ष या तुलसी माला पर।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ धर्मनिलयायै नमः
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥
चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं। प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्॥
ॐ दुर्दर्शाय नमः
ऊर्ध्वे महाकाल भैरवाय नमः ऊर्ध्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः