कृष्णं ब्रह्मचारिणं
कृष्णं ब्रह्मचारिणं
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
"श्रीकृष्ण जो पूर्ण ब्रह्मचारी हैं" (इस सत्य का उच्चारण)।
इस मंत्र से क्या होगा?
भौतिक बाधाओं को पार करना और असम्भव कार्यों को सम्भव बनाना
विस्तृत लाभ
भौतिक बाधाओं को पार करना और असम्भव कार्यों को सम्भव बनाना 1।
जप काल
जब मार्ग में भयंकर बाधा (जैसे उफनती नदी) हो, तब पूर्ण विश्वास से इसका उच्चारण किया जाता है 1।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ माधवाय नमः
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
अक्षमालां कुठारं च रत्नपात्रं स्वदन्तकम् । धत्ते करैर्विघ्नराजो ढुण्ढिनाम मुदेऽस्तु नः ॥
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ वायुसारथये नमः
ॐ कर्बूराक्षरायै नमः