शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ कुमार्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकौमारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सदा कुंवारी/शुद्ध
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चित्त की पवित्रता और साधना में निष्ठा
विस्तृत लाभ
चित्त की पवित्रता और साधना में निष्ठा
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा
ॐ जितवारशये नमः
यदा तमस्तन्न दिवा न रात्रिर्न सन्नचासच्छिव एव केवलः
विद्यार्थी लभते विद्यां, धनार्थी लभते धनम् । पुत्रार्थी लभते पुत्रान्, मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥
ॐ शूलपाणये नमः।
रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र। दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम्॥