ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

गरुड़ पुराण आधारित गायत्री

ॐ महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारगायत्री मंत्र
स्वरूपमहाकर्ण
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हम महाकर्ण (बड़े कानों वाले) को जानते हैं, वक्रतुण्ड का ध्यान करते हैं। वे दन्ती हमें प्रेरित करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

श्रवण शक्ति, ध्यान, और परनिंदा से विरक्ति

विस्तृत लाभ

श्रवण शक्ति, ध्यान, और परनिंदा से विरक्ति।

जप काल

एकाग्रता हेतु अध्ययन से पूर्व।

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