शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ मायानर्जितरक्षसे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारविशिष्ट सहस्रनाम-मंत्र (Specific Sahasranama Mantras)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मायावी राक्षसों (जैसे कालनेमि, अहिरावण) को निर्जित (पराजित) करने वाले।
जप काल
रुद्राक्ष माला से मंगलवार का उपवास रखते हुए अभीष्ट सिद्धि हेतु।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ वैशाखशुक्लभूतोत्थाय नमः
यं यं कामयते कामं तं तं प्राप्नोति साधकः। राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिः स्यात् प्रेमलक्षणा॥
ॐ साधकप्रचुरानन्दसम्पत्सुखदायै नमः
ॐ कृपालवे नमः