शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भवरुद्र स्तुति (पंचम अनुवाक)
नमो भवाय च रुद्राय च।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारवैदिक स्तुति
स्वरूपभव और रुद्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
संसार के उद्गम (भव) और दुखों को दूर करने वाले (रुद्र) को नमन है 40।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संसार के दुखों से मुक्ति और शिव कृपा की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
संसार के दुखों से मुक्ति और शिव कृपा की प्राप्ति 40।
जप काल
रुद्राभिषेक के मध्य।
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