हनुमान भूत-प्रेत उच्चाटन शाबर मंत्र
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
24 कोस (मीलों) तक की परिधि में स्थापित किसी भी प्रकार की प्रेत बाधा, मसान या तांत्रिक चौकी को उखाड़ फेंकना
विस्तृत लाभ
24 कोस (मीलों) तक की परिधि में स्थापित किसी भी प्रकार की प्रेत बाधा, मसान या तांत्रिक चौकी को उखाड़ फेंकना 49।
जप काल
सरसों के तेल का दीपक जलाकर उग्र साधना काल में 49।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ रक्तपाय नमः।
श्रीं वाग्देवतायै स्वाहा भालं मे सर्वदाऽवतु। (स्वरूप: वाग्देवता | लाभ: मस्तक, आज्ञा चक्र व विचार-केंद्र की रक्षा | अर्थ: श्रीं बीज रूपी वाग्देवता मेरे ललाट की सदा रक्षा करें) 8
यस्य त्वेतानि चत्वारि वानरेन्द्र यथा तव। धृतिर्दृष्टिर्मतिर्दाक्ष्यं स कर्मसु न सीदति॥
ॐ देवसेनापतये नमः
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ दुर्गमासुरसंहन्त्र्यै नमः