शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ नन्दिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरमानन्द
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परमानन्द स्वरूप भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शोक नाश हेतु
विस्तृत लाभ
शोक नाश हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
क्षरं प्रधानममृताक्षरं हरः क्षरात्मानावीशते देव एकः। तस्याभिध्यानाद्योजनात्तत्त्वभावाद् भूयश्चान्ते विश्वमायानिवृत्तिः॥
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8
ॐ श्रीं ह्रीं चामुण्डायै नमः
ॐ शुद्धनीलाञ्जनप्रख्याय नमः।
ॐ ग्रामवासाय नमः
ॐ परमार्थैकनिरताय नमः